Prashant·Sep 30…यूँ नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूँ जो भी उस पेड़ की छाँव में गया बैठ गयाA response icon1
InQuirky RantsbyUrvish Bhatt·Feb 4मौत की अनदेखी में ज़िंदाएक आदमी की स्वीकारोक्ति, जिसे जीने का कारण नहीं मिला और मरने की अनुमति भी नहीं।A response icon3